Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
ड़ी से बड़ी बीमारियों का काल है अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय, जानें फायदे और चाय बनाने का तरीका
Arjun ki Chhal ki Chai: बड़ी से बड़ी बीमारियों का काल है अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय। जानें, इस चाय को पीने के सेहत लाà¤, इसे बनाने और पीने का सही तरीका...
Benefits of Arjun Barks Tea: आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में पेड़-पौधों से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होने वाली चीजों जैसे पतà¥à¤¤à¥‡, फूल,फल और इसेंशियल ऑयलà¥à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² अलग-अलग बीमारियों और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के उपचार के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। इसी की तरह कई पेड़ों की छाल का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों, चूरà¥à¤£ और हरà¥à¤¬à¤² चाय बनाने के लिठकिया जाता है। अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और छाल का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— इसी तरह किया जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ (Arjun) में अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़, इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और छाल (arjun ki chaal) का काफी महतà¥à¤µ है। कई औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤¾ होता है अरà¥à¤œà¥à¤¨ का पेड़। बात करें इसकी छाल (Benefits of Arjun Barks) की तो कई रोगों से बचा सकता है। इसके छाल को सà¥à¤–ाकर पाउडर à¤à¥€ तैयार किया जाता है और कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे हृदय रोग, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• आदि से बचे रहने के लिठइसका सेवन किया जा सकता है। अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की तासीर ठंडी होती है, इसलिठइसका सेवन गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में करने से अधिक लाठहोता है। अरà¥à¤œà¥à¤¨ का पेड़ (Arjun ka ped) मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यूपी, à¤à¤®à¤ªà¥€, बिहार आदि में मिलता है।
अरà¥à¤œà¥à¤¨ के पेड़ में कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जैसे इलेजिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤Ÿà¤°à¤ªà¥€à¤¨, बीटा-सिटोसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¥‹à¤², मोनो कारà¥à¤¬à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आदि। ये सà¤à¥€ कई रोगों से बचाव करते हैं। अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय (Arjun ki chhal ki chai) पीने से à¤à¥€ सेहत (Benefits of Arjun Barks Tea) को कई लाठहोते हैं। अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल से बने पाउडर को आप अपनी सà¥à¤¬à¤¹ की चाय में डाल सकते हैं। इससे चाय के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• गà¥à¤£ बढ़ते हैं। जिनका कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² लेवल अधिक रहता है या फिर दिल की बीमारी है, उनके लिठà¤à¥€ ये चाय हेलà¥à¤¦à¥€ होता है। जानें, अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल से तैयार चाय पीने के फायदे (Arjun ki chhal ki chai peene ke fayde) कà¥à¤¯à¤¾ हैं.....
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय पीने से होने वाले फायदे (arjun ki chaal ki chai ke fayde)
1 यदि आपको हृदय रोग की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचना है या फिर किसी à¤à¥€ तरह की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय पीने से इन बीमारियों के लकà¥à¤·à¤£ बढ़ेंगे नहीं। यह चाय आपके शरीर के खून को पतला बनाने में मदद करती है। इससे बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸, आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€à¤œ में बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है। यह चाय बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°à¤•ो à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² रखती है। हारà¥à¤Ÿ फेलियर से बचाठरख सकती है।
2 अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय कफ और पितà¥à¤¤ नाशक (pitta) की तरह काम करती है। यदि आपको मानसून के सीजन में बार-बार सरà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ सताती है, तो गरà¥à¤®à¤¾-गरà¥à¤® अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय (Arjun ki chhal ki chai peene ke fayde) या फिर काढ़ा à¤à¥€ पी सकते हैं।
3 लिवर में कोई समसà¥à¤¯à¤¾, लिवर के आसपास दरà¥à¤¦ महसूस होता है, सूजन है, फैटी लिवर की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय जरूर पिà¤à¤‚। ये à¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधी है, जिसका कोई दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होता है। लेकिन किसी à¤à¥€ चीज का सेवन अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में करने से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤
4 यदि आपको डायबिटीज है, तो अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल (arjun ki chaal) की चाय पिà¤à¤‚, लेकिन चीनी ना डालें। इससे शà¥à¤—र लेवल कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रहता है। डायबिटीज को मैनेज करना आसान हो जाता है।
5 अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है। इसके सेवन (Health Benefits of Arjun Barks or chhal Tea) से आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत बनी रहेंगी। बोन फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° से बचाव होता है। महिलाओं को पीरियडà¥à¤¸ के दौरान काफी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, दरà¥à¤¦ होता है। इन दिनों आप इस चाय (Arjun ki chhal ki chai) का सेवन करें, आराम होगा।
कब पिà¤à¤‚ अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय को आप सà¥à¤¬à¤¹ के समय पिà¤à¤‚। खाली पेट पिà¤à¤‚गे तो अधिक लाठहोगा। नाशà¥à¤¤à¤¾ करने के à¤à¤• से डेढ़ घंटे के बाद à¤à¥€ पी सकते हैं। आप दूध वाली चाय पीते हैं, तो उसमें à¤à¥€ इसका पाउडर डाल सकते हैं। इससे चाय का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और सेहत गà¥à¤£ बढ़ जाते हैं।
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल की चाय बनाने का तरीका
अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल का पाउडर à¤à¤• या आधा चमà¥à¤®à¤š लें। à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में दो कप पानी डालें। इसे गैस पर रखें, जब पानी उबलने लगे तो इसमें छाल का पाउडर डाल दें। चाय को मीठा करने के लिठआप चीनी नहीं, बलà¥à¤•ि शहद या फिर मिशà¥à¤°à¥€ डालें। जब चाय का पानी उबलकर à¤à¤• कप बच जाà¤, तो गैस बंद कर दें। इसे गरà¥à¤® ही पिà¤à¤‚ और पाà¤à¤‚ इसके अदà¥à¤à¥à¤¤ सेहत लाà¤à¥¤
| --------------------------- | --------------------------- |